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जमीन का जमाबंदी कब और कैसे रद्द हो सकती है?

Jamabandi cancellation process in Bihar

बिहार सहित देश के कई राज्यों में जमीन के स्वामित्व का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज जमाबंदी (Jamabandi) होता है। आम भाषा में इसे खाता खुलना भी कहा जाता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है—क्या जमाबंदी रद्द हो सकती है? अगर हां, तो कब और कैसे?
इस लेख में हम जमाबंदी रद्द होने के कारण, प्रक्रिया, अधिकार क्षेत्र और कानूनी उपाय को विस्तार से समझेंगे।

जमाबंदी क्या होती है?

जमाबंदी वह राजस्व रिकॉर्ड है, जिसमें किसी जमीन पर किस व्यक्ति का अधिकार है, वह जमीन किस खाता–खेसरा में दर्ज है और किसके नाम से लगान (राजस्व) कट रहा है, यह दर्ज रहता है।
ध्यान रखें—जमाबंदी मालिकाना हक का अंतिम प्रमाण नहीं, बल्कि कब्जा और राजस्व वसूली का रिकॉर्ड है।


जमाबंदी कब रद्द हो सकती है? (Grounds for Jamabandi Cancellation)

1. फर्जी या गलत दस्तावेज के आधार पर जमाबंदी

अगर यह साबित हो जाए कि:

  • रजिस्ट्री फर्जी है
  • पावर ऑफ अटॉर्नी जाली है
  • विक्रेता जमीन का मालिक ही नहीं था

तो ऐसी जमाबंदी पूरी तरह रद्द की जा सकती है।

2. सरकारी जमीन पर गलत तरीके से जमाबंदी

यदि:

  • जमीन सरकारी, गेरुआ, गैरमजरुआ आम/खास, नदी, सड़क या तालाब की जमीन हो
  • फिर भी किसी व्यक्ति के नाम जमाबंदी खोल दी गई हो

तो सरकार कभी भी उसे रद्द कर सकती है।


3. दाखिल–खारिज (Mutation) में गंभीर त्रुटि

जैसे:

  • बिना नोटिस दिए दाखिल–खारिज
  • असली वारिसों को नजरअंदाज करना
  • एक ही जमीन पर दो जमाबंदी

ऐसी स्थिति में उच्च अधिकारी जमाबंदी रद्द कर सकते हैं।


4. कोर्ट के आदेश से जमाबंदी रद्द

यदि सिविल कोर्ट:

  • बिक्री को अवैध घोषित कर दे
  • मालिकाना हक किसी और का मान ले

तो उसके आधार पर जमाबंदी स्वतः निरस्त कर दी जाती है।


5. उत्तराधिकार (Inheritance) में गलत जमाबंदी

अगर किसी की मृत्यु के बाद:

  • गलत वारिस के नाम जमाबंदी खुल गई
  • वसीयत को नजरअंदाज किया गया

तो प्रभावित पक्ष आवेदन देकर जमाबंदी रद्द करा सकता है।


जमाबंदी कैसे रद्द होती है? (Jamabandi Cancellation Process)

चरण 1: आवेदन देना

  • अंचल कार्यालय (Circle Office) या
  • अपर समाहर्ता / जिलाधिकारी के यहां

आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज:

  • खतियान, रजिस्ट्री
  • पुराने जमाबंदी रिकॉर्ड
  • कोर्ट का आदेश (यदि हो)

चरण 2: जांच प्रक्रिया

  • CO द्वारा कागजात की जांच
  • राजस्व कर्मचारी की रिपोर्ट
  • दोनों पक्षों को नोटिस

चरण 3: सुनवाई

दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अधिकारी निर्णय लेते हैं कि:

  • जमाबंदी बहाल रहे
  • या आंशिक / पूर्ण रूप से रद्द की जाए

चरण 4: आदेश और रिकॉर्ड सुधार

आदेश के बाद:

  • जमाबंदी रद्द की जाती है
  • या सही व्यक्ति के नाम नया खाता खोला जाता है

कौन अधिकारी जमाबंदी रद्द कर सकता है?

अधिकारी अधिकार
अंचलाधिकारी (CO) सीमित मामलों में
अपर समाहर्ता अपील स्तर
जिलाधिकारी (DM) विशेष मामलों में
सिविल कोर्ट अंतिम और निर्णायक

क्या सालों पुरानी जमाबंदी भी रद्द हो सकती है?

👉 हां।
यदि यह साबित हो जाए कि जमाबंदी:

  • फर्जी है
  • सरकारी जमीन पर है
  • या कोर्ट के आदेश के खिलाफ है

तो 10–20–30 साल पुरानी जमाबंदी भी रद्द की जा सकती है।

जमाबंदी रद्द होने से कैसे बचें?

  • जमीन खरीदने से पहले खतियान + जमाबंदी + रजिस्ट्री तीनों जांचें
  • सरकारी जमीन की पहचान करें
  • सिर्फ ऑनलाइन दाखिल–खारिज पर भरोसा न करें
  • विवाद की स्थिति में सिविल कोर्ट से डिक्लेरेटरी सूट करें

निष्कर्ष (Conclusion)

जमाबंदी होना जमीन पर अधिकार का संकेत जरूर है, लेकिन यह अंतिम मालिकाना प्रमाण नहीं है।
यदि जमाबंदी गलत, फर्जी या अवैध तरीके से बनी है, तो कानून उसे रद्द करने का पूरा अधिकार देता है। इसलिए जमीन से जुड़े किसी भी फैसले में दस्तावेजों की जांच और कानूनी सलाह बेहद जरूरी है।

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