बिहार में जमीन से जुड़ा सबसे आम और महत्वपूर्ण दस्तावेज जमाबंदी और लगान रसीद होता है। कई बार इन दस्तावेजों में नाम की गलत स्पेलिंग, पिता/पति का नाम गलत, आधा-अधूरा नाम, या पुराना नाम दर्ज रहता है। ऐसी स्थिति में जमीन बेचने, दाखिल–खारिज, बैंक लोन या सरकारी योजना का लाभ लेने में परेशानी आती है।
इस आर्टिकल में हम विस्तार से बताएंगे कि जमाबंदी या लगान रसीद में नाम कैसे सुधरवाएं, कौन-कौन से दस्तावेज लगते हैं और प्रक्रिया क्या है।
जमाबंदी और लगान रसीद क्या है?
- जमाबंदी: जमीन के स्वामित्व (Ownership) का राजस्व रिकॉर्ड
- लगान रसीद: जमीन का सालाना राजस्व (Land Revenue) भुगतान प्रमाण
दोनों दस्तावेजों में नाम सही होना कानूनी रूप से बेहद जरूरी है।
नाम सुधार की जरूरत किन कारणों से पड़ती है?
- नाम की स्पेलिंग गलत होना
- पिता / पति का नाम गलत होना
- उपनाम (सरनेम) छूट जाना
- शादी के बाद नाम बदल जाना
- मृत्यु के बाद वारिस का नाम अपडेट न होना
जमाबंदी / लगान रसीद में नाम सुधारने के तरीके
🔹 तरीका 1: अंचल कार्यालय (Circle Office) के माध्यम से
यह सबसे मान्य और सुरक्षित तरीका है।
आवश्यक दस्तावेज:
- आवेदन पत्र (नाम सुधार हेतु)
- आधार कार्ड
- जमीन की पुरानी जमाबंदी कॉपी
- लगान रसीद
- सही नाम का प्रमाण
- आधार / वोटर ID / पैन कार्ड
- हल्का कर्मचारी की रिपोर्ट
- स्व-घोषणा पत्र (Affidavit – ₹10 या ₹20 स्टांप पर)
प्रक्रिया:
- अंचल कार्यालय में आवेदन दें
- हल्का कर्मचारी स्थल जांच करेगा
- CO (Circle Officer) द्वारा आदेश
- जमाबंदी में नाम संशोधन
समय: 30 से 60 दिन
तरीका 2: बिहार भूमि पोर्टल (Online आवेदन)
कुछ जिलों में ऑनलाइन करेक्शन रिक्वेस्ट की सुविधा उपलब्ध है।
स्टेप्स:
- Bihar Bhumi पोर्टल पर जाएं
- Jamabandi Correction / Mutation सेक्शन चुनें
- दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन सबमिट करें
- स्टेटस ट्रैक करें
अंतिम स्वीकृति अंचल अधिकारी ही देते हैं।
हल्का कर्मचारी की रिपोर्ट क्यों जरूरी है?
- जमीन पर वास्तविक कब्जा किसका है
- नाम सुधार से कोई विवाद तो नहीं
- आसपास के लोगों की पुष्टि
बिना हल्का रिपोर्ट के नाम सुधार अटक सकता है।
अगर नाम सुधार से इनकार हो जाए तो?
- CO के आदेश के खिलाफ
- SDO (अनुमंडल अधिकारी)
- DCLR
- जिला समाहर्ता (DM)
के यहां अपील की जा सकती है।
महत्वपूर्ण सावधानियां
⚠️ केवल लगान रसीद में नाम सही होना काफी नहीं
⚠️ जमाबंदी में नाम सही होना सबसे जरूरी
⚠️ बिना आदेश के खुद से कटिंग/ओवरराइटिंग अवैध
⚠️ दलाल से बचें, रसीद जरूर लें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. क्या सिर्फ आधार से नाम सुधार हो सकता है?
👉 नहीं, जमीन के रिकॉर्ड के लिए राजस्व प्रक्रिया अनिवार्य है।
Q2. नाम सुधार में कोई फीस लगती है?
👉 सरकारी तौर पर नहीं, केवल हल्का शुल्क/स्टांप पेपर लगता है।
Q3. कितने दिन में नाम सुधरता है?
👉 औसतन 1–2 महीने।
निष्कर्ष
जमाबंदी या लगान रसीद में नाम की गलती छोटी लगती है, लेकिन भविष्य में बड़ा कानूनी विवाद बन सकती है। इसलिए समय रहते सही प्रक्रिया से नाम सुधार कराना बेहद जरूरी है।
अगर दस्तावेज पूरे हों और आवेदन सही तरीके से दिया जाए, तो नाम सुधार पूरी तरह संभव है।




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